श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 76: भीमसेनका अपने सारथि विशोकसे संवाद  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  8.76.1 
संजय उवाच
अथ त्विदानीं तुमुले विमर्दे
द्विषद्भिरेको बहुभि: समावृत:।
महारणे सारथिमित्युवाच
भीमश्चमूं वाहय धार्तराष्ट्रीम्॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - हे राजन! उस समय घोर युद्ध में भीमसेन अकेले तथा अनेक शत्रुओं से घिरे हुए अपने सारथि से बोले - 'सारथी! अब तुम रथ को धृतराष्ट्रपुत्रों की सेना की ओर ले चलो।॥ 1॥
 
Sanjaya says - O King! At that time in that fierce battle, Bhimasena, being alone and surrounded by many enemies, said to his charioteer - 'Charioteer! Now you take the chariot towards the army of Dhritarashtra's sons.॥ 1॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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