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mahabharat 8.73.98: आज राजा शल्य भी अपने स्वर्ण-मंडित रथ को छोड़कर, जिसके सारथि और घोड़े मारे गए हैं, आपके सैकड़ों बाणों से चकनाचूर हो गए हैं और वे भी भयभीत होकर भाग जाएंगे।   |   mahabharat अध्याय 8.73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना  »  श्लोक 98
 
 
श्लोक  8.73.98 
त्वया शरशतैश्छिन्नं रथं हेमविभूषितम्।
हतयोधाश्वमुत्सृज्य भीत: शल्य: पलायताम्॥ ९८॥
 
 
अनुवाद
आज राजा शल्य भी अपने स्वर्ण-मंडित रथ को छोड़कर, जिसके सारथि और घोड़े मारे गए हैं, आपके सैकड़ों बाणों से चकनाचूर हो गए हैं और वे भी भयभीत होकर भाग जाएंगे।
 
‘Today even King Shalya, having abandoned his golden-decorated chariot, whose charioteer and horses have been killed, has been shattered by hundreds of your arrows and will flee in fear.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)