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mahabharat 8.73.95-96h: आज भूमिपाल आपके बाणों से पीड़ित होकर कर्ण को रथ से नीचे गिरते हुए, दुःख और शोक से रोते हुए देखे ॥95 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 8.73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना  »  श्लोक 95-96h
 
 
श्लोक  8.73.95-96h 
अद्य हाहाकृता दीना विषण्णास्त्वच्छरार्दिता:॥ ९५॥
प्रपतन्तं रथात् कर्णं पश्यन्तु वसुधाधिपा:।
 
 
अनुवाद
आज भूमिपाल आपके बाणों से पीड़ित होकर कर्ण को रथ से नीचे गिरते हुए, दुःख और शोक से रोते हुए देखे ॥95 1/2॥
 
Today, Bhumipal, suffering from your arrows, should see Karna falling down from the chariot, crying in sorrow and grief. 95 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)