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mahabharat 8.73.80-81h: उसके धनुष को काट देने पर युद्धस्थल में बचे हुए पाँच योद्धा, जो चतुराई से काम करने में निपुण थे, बाणों की वर्षा से अभिमन्यु को घायल करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 8.73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना  »  श्लोक 80-81h
 
 
श्लोक  8.73.80-81h 
ततश्छिन्नायुधं तेन रणे पञ्च महारथा:॥ ८०॥
तं चैव निकृतिप्रज्ञा: प्राहरञ्छरवृष्टिभि:।
 
 
अनुवाद
उसके धनुष को काट देने पर युद्धस्थल में बचे हुए पाँच योद्धा, जो चतुराई से काम करने में निपुण थे, बाणों की वर्षा से अभिमन्यु को घायल करने लगे।
 
‘After he cut his bow, the five remaining warriors on the battlefield, who were adept at behaving cunningly, began wounding Abhimanyu with a shower of arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)