Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.73.63: यह तुम्हारे लिए पुण्य का काम होगा। इस विषय में सोचने की कोई आवश्यकता नहीं है। मैं भी तुम्हें ऐसा करने की अनुमति देता हूँ, अतः इसमें कोई दोष नहीं है। 63. | mahabharat अध्याय 8.73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह तुम्हारे लिए पुण्य का काम होगा। इस विषय में सोचने की कोई आवश्यकता नहीं है। मैं भी तुम्हें ऐसा करने की अनुमति देता हूँ, अतः इसमें कोई दोष नहीं है। 63.
This will be a pious deed for you. There is no need to think about this matter. I also give you permission to do this, so there is no fault in it. 63.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥