Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.73.49-50h: पार्थ! सभी राजा जानते हैं कि सिंधुराज जयद्रथ का वध एक आश्चर्यजनक घटना है, किन्तु आपके साथ ऐसा होना कोई आश्चर्य की बात नहीं है; क्योंकि आप एक असाधारण योद्धा हैं। | mahabharat अध्याय 8.73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आश्चर्यं सिन्धुराजस्य वधं जानन्ति पार्थिवा:॥ ४९॥
अनाश्चर्यं हि तत् त्वत्तस्त्वं हि पार्थ महारथ:।
अनुवाद
पार्थ! सभी राजा जानते हैं कि सिंधुराज जयद्रथ का वध एक आश्चर्यजनक घटना है, किन्तु आपके साथ ऐसा होना कोई आश्चर्य की बात नहीं है; क्योंकि आप एक असाधारण योद्धा हैं।
Partha! All kings know that the killing of Sindhuraj Jayadratha is a surprising event, but it is not surprising that it happens to you; because you are an extraordinary warrior.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥