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mahabharat 8.73.117: यह अत्यन्त भयंकर एवं भयंकर भार्गवास्त्र पाण्डवों की विशाल सेना को आच्छादित करके अपनी चमक से प्रज्वलित हो रहा है तथा समस्त सैनिकों को पीड़ा दे रहा है।   |   mahabharat अध्याय 8.73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना  »  श्लोक 117
 
 
श्लोक  8.73.117 
तापनं सर्वसैन्यानां घोररूपं सुदारुणम्।
समावृत्य महासेनां ज्वलन्तं स्वेन तेजसा॥ ११७॥
 
 
अनुवाद
यह अत्यन्त भयंकर एवं भयंकर भार्गवास्त्र पाण्डवों की विशाल सेना को आच्छादित करके अपनी चमक से प्रज्वलित हो रहा है तथा समस्त सैनिकों को पीड़ा दे रहा है।
 
This extremely dreadful and fierce Bhargavastra, having covered the huge army of the Pandavas, is blazing with its brilliance and tormenting all the soldiers.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)