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mahabharat 8.73.113: भरतश्रेष्ठ! देखो, ये पांचालय योद्धा दौड़ रहे हैं। कर्ण आदि योद्धा अवश्य ही उनका पीछा कर रहे हैं। देखो, उनकी कैसी बुरी दशा हो गई है?॥113॥   |   mahabharat अध्याय 8.73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना  »  श्लोक 113
 
 
श्लोक  8.73.113 
एते द्रवन्ति पञ्चाला द्राव्यन्ते योधिभिर्ध्रुवम्।
कर्णेन भरतश्रेष्ठ पश्य पश्य तथाकृतान्॥ ११३॥
 
 
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ! देखो, ये पांचालय योद्धा दौड़ रहे हैं। कर्ण आदि योद्धा अवश्य ही उनका पीछा कर रहे हैं। देखो, उनकी कैसी बुरी दशा हो गई है?॥113॥
 
Bharat's best! Look, these Panchalay warriors are running. Karna and other warriors are surely chasing them. Look, what a bad condition they have fallen into?॥ 113॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)