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mahabharat 8.73.11: पार्थ! इसी प्रकार धृष्टद्युम्न और शिखण्डी ने युद्धस्थल में सदैव आपकी रक्षा करके द्रोणाचार्य और भीष्म को मार डाला था।   |   mahabharat अध्याय 8.73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  8.73.11 
तथैव सततं पार्थ रक्षिताभ्यां त्वया रणे।
धृष्टद्युम्नशिखण्डिभ्यां भीष्मद्रोणौ निपातितौ॥ ११॥
 
 
अनुवाद
पार्थ! इसी प्रकार धृष्टद्युम्न और शिखण्डी ने युद्धस्थल में सदैव आपकी रक्षा करके द्रोणाचार्य और भीष्म को मार डाला था।
 
Partha! Similarly, Dhrishtadyumna and Shikhandi killed Dronacharya and Bhishma by always being protected by you in the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)