श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  8.73.10 
तथेमां विपुलां सेनां गुप्तां पार्थ त्वयानघ।
न शेकु: पार्थिवा: सर्वे चक्षुर्भिरपि वीक्षितुम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
हे भोले कुन्तीपुत्र! जिस विशाल सेना की तू रक्षा करता है, उसकी ओर सभी राजा देख भी नहीं पाए हैं॥10॥
 
Innocent son of Kunti! All the kings have not been able to even look at the huge army that you protect.॥ 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)