Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.73.1: संजय कहते हैं- भरतनन्दन! तत्पश्चात् कर्ण को मारने का निश्चय करके जाते हुए भगवान श्रीकृष्ण ने अपने अद्भुत रूप से अर्जुन से पुनः इस प्रकार कहा।   |   mahabharat अध्याय 8.73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  8.73.1 
संजय उवाच
तत: पुनरमेयात्मा केशवोऽर्जुनमब्रवीत्।
कृतसंकल्पमायान्तं वधे कर्णस्य भारत॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं- भरतनन्दन! तत्पश्चात् कर्ण को मारने का निश्चय करके जाते हुए भगवान श्रीकृष्ण ने अपने अद्भुत रूप से अर्जुन से पुनः इस प्रकार कहा।
 
Sanjay says- Bharatnandan! Thereafter, while going with his resolve to kill Karna, Lord Shri Krishna, in his unpredictable form, again spoke to Arjuna as follows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)