Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.71.39: संजय कहते हैं- राजन! युधिष्ठिर ने प्रसन्न होकर किरीटधारी अर्जुन से ऐसी महत्त्वपूर्ण बात कही - 'वीर! तुम्हें सदैव अनन्त यश, पूर्ण आयु, मनोवांछित कामनाएँ, विजय और शत्रुनाशक पराक्रम प्राप्त हो।' 39॥ | mahabharat अध्याय 8.71: अर्जुनसे भगवान् श्रीकृष्णका उपदेश, अर्जुन और युधिष्ठिरका प्रसन्नतापूर्वक मिलन एवं अर्जुनद्वारा कर्णवधकी प्रतिज्ञा, युधिष्ठिरका आशीर्वाद । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
संजय उवाच
इति ब्रुवाणं सुमना: किरीटिनं
युधिष्ठिर: प्राह वचो बृहत्तरम्।
यशोऽक्षयं जीवितमीप्सितं ते
जयं सदा वीर्यमरिक्षयं तदा॥ ३९॥
अनुवाद
संजय कहते हैं- राजन! युधिष्ठिर ने प्रसन्न होकर किरीटधारी अर्जुन से ऐसी महत्त्वपूर्ण बात कही - 'वीर! तुम्हें सदैव अनन्त यश, पूर्ण आयु, मनोवांछित कामनाएँ, विजय और शत्रुनाशक पराक्रम प्राप्त हो।' 39॥
Sanjay says- Rajan! Yudhishthira was pleased and said this important thing to the crowned Arjuna who said such things - 'Brave! May you always receive eternal fame, full life, desired wishes, victory and enemy-killing valor. 39॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥