श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 71: अर्जुनसे भगवान् श्रीकृष्णका उपदेश, अर्जुन और युधिष्ठिरका प्रसन्नतापूर्वक मिलन एवं अर्जुनद्वारा कर्णवधकी प्रतिज्ञा, युधिष्ठिरका आशीर्वाद  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  8.71.37 
अद्य त्वामनुपश्यामि कर्णं हत्वा महीपते।
सभाजयितुमाक्रन्दादिति सत्यं ब्रवीमि ते॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! आज मैं कर्ण को मारकर ही आपसे मिलूँगा और युद्धभूमि से आपका स्वागत करने आऊँगा। मैं आपसे सत्य कहता हूँ॥37॥
 
O king! Today I will meet you only after killing Karna and will come from the battlefield to greet you. I am telling you the truth. ॥ 37॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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