Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.71.29: हे निष्पाप राजा! यह सौभाग्य है कि आप (कर्ण द्वारा) न तो मारे गए और न ही पकड़े गए। अब कृपया अर्जुन को सान्त्वना दीजिए और उसे विजय का आशीर्वाद दीजिए।॥29॥ | mahabharat अध्याय 8.71: अर्जुनसे भगवान् श्रीकृष्णका उपदेश, अर्जुन और युधिष्ठिरका प्रसन्नतापूर्वक मिलन एवं अर्जुनद्वारा कर्णवधकी प्रतिज्ञा, युधिष्ठिरका आशीर्वाद । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दिष्ट्यासि राजन् न हतो दिष्ट्या न ग्रहणं गत:।
परिसान्त्वय बीभत्सुं जयमाशाधि चानघ॥ २९॥
अनुवाद
हे निष्पाप राजा! यह सौभाग्य है कि आप (कर्ण द्वारा) न तो मारे गए और न ही पकड़े गए। अब कृपया अर्जुन को सान्त्वना दीजिए और उसे विजय का आशीर्वाद दीजिए।॥29॥
O sinless king! It is fortunate that you were neither killed nor captured (by Karna). Now please console Arjuna and bless him for victory.'॥ 29॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥