श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 71: अर्जुनसे भगवान् श्रीकृष्णका उपदेश, अर्जुन और युधिष्ठिरका प्रसन्नतापूर्वक मिलन एवं अर्जुनद्वारा कर्णवधकी प्रतिज्ञा, युधिष्ठिरका आशीर्वाद  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  8.71.28 
श्रुत्वा ह्यहमयं चैव त्वां कर्णशरपीडितम्।
प्रवृत्तिं ज्ञातुमायाताविहावां पाण्डुनन्दन॥ २८॥
 
 
अनुवाद
हे पाण्डुपुत्र! हे राजन! कर्ण के बाणों से आप अत्यन्त पीड़ित हुए हैं - यह सुनकर मैं और अर्जुन दोनों आपका हाल जानने के लिए यहाँ आये हैं॥ 28॥
 
O son of Pandu! O King! You have been greatly afflicted by Karna's arrows - having heard this, both I and Arjuna came here to know about you.॥ 28॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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