श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 71: अर्जुनसे भगवान् श्रीकृष्णका उपदेश, अर्जुन और युधिष्ठिरका प्रसन्नतापूर्वक मिलन एवं अर्जुनद्वारा कर्णवधकी प्रतिज्ञा, युधिष्ठिरका आशीर्वाद  »  श्लोक 23-24h
 
 
श्लोक  8.71.23-24h 
एवमाभाष्य राजानमब्रवीन्माधवं वच:।
अद्य कर्णं रणे कृष्ण सूदयिष्ये न संशय:॥ २३॥
तव बुद्‍ध्या हि भद्रं ते वधस्तस्य दुरात्मन:।
 
 
अनुवाद
राजा युधिष्ठिर से ऐसा कहकर अर्जुन ने भगवान श्रीकृष्ण से कहा - 'श्रीकृष्ण! आज मैं युद्धस्थल में कर्ण का वध करूँगा, इसमें संशय नहीं है। आप धन्य हों। वह दुष्टात्मा आपकी बुद्धि के द्वारा ही मारा जाएगा।'॥23 1/2॥
 
After saying this to King Yudhishthira, Arjuna said to Lord Krishna - 'Shri Krishna! Today I will kill Karna in the battlefield, there is no doubt about it. May you be blessed. That evil soul will be killed only by your wisdom.'॥ 23 1/2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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