श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 71: अर्जुनसे भगवान् श्रीकृष्णका उपदेश, अर्जुन और युधिष्ठिरका प्रसन्नतापूर्वक मिलन एवं अर्जुनद्वारा कर्णवधकी प्रतिज्ञा, युधिष्ठिरका आशीर्वाद  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  8.71.10 
एतदत्र महाबाहो प्राप्तकालं मतं मम।
एवं कृते कृतं चैव तव कार्यं भविष्यति॥ १०॥
 
 
अनुवाद
महाबाहो! मुझे इस समय यहीं ऐसा करना उचित प्रतीत होता है। ऐसा करने से आपके सभी कार्य सिद्ध हो जायेंगे।॥10॥
 
‘Mahabaho! I feel it is appropriate to do this here at this time. By doing this, all your work will be accomplished.’॥10॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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