श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 7: कौरवपक्षके जीवित योद्धाओंका वर्णन और धृतराष्ट्रकी मूर्च्छा  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  8.7.24 
धृतराष्ट्र उवाच
आख्याता जीवमाना येऽपरे सैन्या यथायथम्।
इतीदमवगच्छामि व्यक्तमर्थाभिपत्तित:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र बोले - संजय! तुमने हमारे पक्ष के जीवित योद्धाओं तथा मारे गए योद्धाओं का यथार्थ वर्णन किया है। अर्थापत्ति (मेरे पक्ष की पराजय निश्चित है) के प्रमाण से मैं इसका परिणाम स्पष्ट रूप से समझ सकता हूँ।॥ 24॥
 
Dhritarashtra said - Sanjay! You have given a true description of the living warriors of our side as well as those who have been killed. I can clearly understand the result of this through the evidence of Arthaapatti (defeat of my side is certain).॥ 24॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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