श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 65: भीमसेनको युद्धका भार सौंपकर श्रीकृष्ण और अर्जुनका युधिष्ठिरके पास जाना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  8.65.14 
संजय उवाच
ततो हयान् सर्वदाशार्हमुख्य:
प्रचोदयन् भीममुवाच चेदम्।
नैतच्चित्रं तव कर्माद्य भीम
यास्याम्यहं जहि पार्थारिसंघान्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - हे राजन! तत्पश्चात् समस्त दाशार्हवंशियों में प्रधान भगवान श्रीकृष्ण ने घोड़ा हाँकते हुए भीमसेन से इस प्रकार कहा - 'कुन्तीपुत्र भीम! आज यह पराक्रम तुम्हारे लिए आश्चर्य की बात नहीं है। मैं जाता हूँ। तुम शत्रु समूहों का नाश करो।'
 
Sanjaya says - O King! Thereafter Lord Krishna, the chief of all the Dasarha clansmen, while driving his horse, spoke to Bhimasena in this manner - 'Kunti's son Bhima! Today this valour is no surprise for you. I am leaving. You destroy the enemy groups.'
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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