Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.64.28: शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले पाण्डुपुत्र अर्जुन ने अश्वत्थामा के अन्तःस्थल में डण्डे से प्रहार किया और उसके सारथि को रथ के आसन से गिरा दिया ॥28॥   |   mahabharat अध्याय 8.64: अर्जुनद्वारा अश्वत्थामाकी पराजय, कौरव-सेनामें भगदड़ एवं दुर्योधनसे प्रेरित कर्णद्वारा भार्गवास्त्रसे पांचालोंका संहार   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 64: अर्जुनद्वारा अश्वत्थामाकी पराजय, कौरव-सेनामें भगदड़ एवं दुर्योधनसे प्रेरित कर्णद्वारा भार्गवास्त्रसे पांचालोंका संहार  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  8.64.28 
स विद्‍ध्वा मर्मसु द्रौणिं पाण्डव: परवीरहा।
सारथिं चास्य भल्लेन रथनीडादपातयत्॥ २८॥
 
 
अनुवाद
शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले पाण्डुपुत्र अर्जुन ने अश्वत्थामा के अन्तःस्थल में डण्डे से प्रहार किया और उसके सारथि को रथ के आसन से गिरा दिया ॥28॥
 
Arjuna, the son of Pandu, who killed the enemy warriors, hit Ashwatthama in his innermost places with a baton and threw his charioteer from the seat of the chariot. 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)