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श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 64: अर्जुनद्वारा अश्वत्थामाकी पराजय, कौरव-सेनामें भगदड़ एवं दुर्योधनसे प्रेरित कर्णद्वारा भार्गवास्त्रसे पांचालोंका संहार  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  8.64.23 
तत: क्रुद्धो महाराज द्रोणपुत्रो महारथ:।
ऐन्द्रेण चास्त्रवेगेन बीभत्सुं समवाकिरत्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
महाराज! तब महारथी द्रोणपुत्र ने कुपित होकर अर्जुन पर अपने ऐन्द्रास्त्र से तीव्र गति से बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी।
 
Maharaj! Then the son of Drona, the great charioteer, became enraged and started raining arrows rapidly on Arjun with his Andrastra.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)