श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  8.60.9 
नदन्त: सिंहनादांश्च धमन्तश्चापि वारिजान्।
बलवन्तो महेष्वासा विधुन्वन्तो धनूंषि च॥ ९॥
 
 
अनुवाद
‘कौरववंश के वे बलवान और महान धनुर्धर गर्जना करते, शंख बजाते और धनुष हिलाते हुए आगे बढ़ रहे हैं।॥9॥
 
‘Those powerful and great archers of the Kaurava dynasty are advancing, roaring, blowing their conches and shaking their bows.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)