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mahabharat 8.60.75-76h: जब पांचाल शत्रुओं से पराजित हो गए, तब वायुपुत्र भीमसेन ने निर्भय होकर गर्जना की और शत्रु सेना पर बाणों की वर्षा करते हुए आक्रमण किया।   |   mahabharat अध्याय 8.60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना  »  श्लोक 75-76h
 
 
श्लोक  8.60.75-76h 
पञ्चालेष्वभिभूतेषु द्विषद्भिरपभीर्नदन्॥ ७५॥
शत्रुपक्षमवस्कन्द्य शरानस्यति मारुति:।
 
 
अनुवाद
जब पांचाल शत्रुओं से पराजित हो गए, तब वायुपुत्र भीमसेन ने निर्भय होकर गर्जना की और शत्रु सेना पर बाणों की वर्षा करते हुए आक्रमण किया।
 
When the Panchalas were defeated by their enemies, Bhimasena, the son of Vayu, roared fearlessly and attacked the enemy forces, showering arrows on them. 75 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)