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mahabharat 8.60.74-75h: भीमसेन के बाणों तथा हजारों शत्रुओं से हतोत्साहित कौरव योद्धा धृष्टद्युम्न जैसे वीरों द्वारा मारे जा रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 8.60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना  »  श्लोक 74-75h
 
 
श्लोक  8.60.74-75h 
भीमास्त्रेण सुनिर्भग्नान् धार्तराष्ट्रान् महारथान्॥ ७४॥
धृष्टद्युम्नमुखा वीरा घ्नन्ति शत्रून् सहस्रश:।
 
 
अनुवाद
भीमसेन के बाणों तथा हजारों शत्रुओं से हतोत्साहित कौरव योद्धा धृष्टद्युम्न जैसे वीरों द्वारा मारे जा रहे थे।
 
‘The Kaurava warriors who were discouraged by Bhimasena's arrows and thousands of enemies were being killed by brave men like Dhrishtadyumna. 74 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)