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mahabharat 8.60.73-74h: कृपाचार्य और कर्ण जैसे वीर इन पांचालों को रोकने के लिए महान पराक्रम दिखा रहे हैं। जैसे बैल दूसरे बैलों को दबाने का प्रयास करते हैं।   |   mahabharat अध्याय 8.60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना  »  श्लोक 73-74h
 
 
श्लोक  8.60.73-74h 
सुभृशं च पराक्रान्ता: पञ्चालानां निवारणे॥ ७३॥
कृपकर्णादयो वीरा ऋषभाणामिवर्षभा:।
 
 
अनुवाद
कृपाचार्य और कर्ण जैसे वीर इन पांचालों को रोकने के लिए महान पराक्रम दिखा रहे हैं। जैसे बैल दूसरे बैलों को दबाने का प्रयास करते हैं।
 
‘Valiants like Kripacharya and Karna are showing great valour to stop these Panchalas. Just like bulls try to suppress other bulls.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)