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mahabharat 8.60.72-73h: जिस प्रकार मानसरोवर से वेगवान हंस निकलकर गंगा को चारों ओर से घेर लेते हैं, उसी प्रकार दुर्योधन की यह विशाल सेना पांचाल सैनिकों द्वारा चारों ओर से आक्रमण कर रही है।   |   mahabharat अध्याय 8.60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना  »  श्लोक 72-73h
 
 
श्लोक  8.60.72-73h 
सर्वतश्चाभिपन्नैषा धार्तराष्ट्री महाचमू:॥ ७२॥
पञ्चालैर्मानसादेत्य हंसैर्गङ्गेव वेगितै:।
 
 
अनुवाद
जिस प्रकार मानसरोवर से वेगवान हंस निकलकर गंगा को चारों ओर से घेर लेते हैं, उसी प्रकार दुर्योधन की यह विशाल सेना पांचाल सैनिकों द्वारा चारों ओर से आक्रमण कर रही है।
 
‘Just as the swift swans emerge from Manasarovar and surround the Ganges from all sides, similarly this huge army of Duryodhana is being attacked from all sides by the Panchala soldiers.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)