Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.60.64-65h: सोने, चाँदी और पीतल आदि अग्निमय पदार्थों से बनी नाना प्रकार की झण्डियाँ काटकर गिराई जा रही हैं। हाथी और घोड़े तितर-बितर कर दिए गए हैं। | mahabharat अध्याय 8.60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सौवर्णा राजताश्चैव तैजसाश्च पृथग्विधा:॥ ६४॥
केतवोऽभिनिपात्यन्ते हस्त्यश्वं च प्रकीर्यते।
अनुवाद
सोने, चाँदी और पीतल आदि अग्निमय पदार्थों से बनी नाना प्रकार की झण्डियाँ काटकर गिराई जा रही हैं। हाथी और घोड़े तितर-बितर कर दिए गए हैं।
‘Various types of flags made of fiery substances like gold, silver and brass are being cut and thrown down. Elephants and horses have been scattered. 64 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥