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mahabharat 8.60.62-63h: कुन्तीनन्दन! देखो! योद्धाओं के नायक भीमसेन लौट आये हैं और विषधर सर्प के समान क्रोध करते हुए कौरव सेना को भगा रहे हैं। 62 1/2   |   mahabharat अध्याय 8.60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना  »  श्लोक 62-63h
 
 
श्लोक  8.60.62-63h 
निवृत्तं पश्य कौन्तेय भीमसेनं युधां पतिम्॥ ६२॥
आशीविषमिव क्रुद्धं द्रावयन्तं वरूथिनीम्।
 
 
अनुवाद
कुन्तीनन्दन! देखो! योद्धाओं के नायक भीमसेन लौट आये हैं और विषधर सर्प के समान क्रोध करते हुए कौरव सेना को भगा रहे हैं। 62 1/2
 
Kuntinandana! Look! The leader of the warriors, Bhimasena has returned and is chasing away the Kaurava army, furious like a poisonous snake. 62 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)