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mahabharat 8.60.61-62h: हे भरतश्रेष्ठ! रक्त से लथपथ कौरव सेना उस खेत के समान दयनीय दिखाई दे रही है जहाँ फसल नष्ट हो गई हो।' 61 1/2   |   mahabharat अध्याय 8.60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना  »  श्लोक 61-62h
 
 
श्लोक  8.60.61-62h 
विपन्नसस्येव मही रुधिरेण समुक्षिता॥ ६१॥
भारती भरतश्रेष्ठ सेना कृपणदर्शना।
 
 
अनुवाद
हे भरतश्रेष्ठ! रक्त से लथपथ कौरव सेना उस खेत के समान दयनीय दिखाई दे रही है जहाँ फसल नष्ट हो गई हो।' 61 1/2
 
Best of the Bharatas! The Kaurava army, soaked in blood, looks as pitiable as a field where crops have been destroyed.' 61 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)