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mahabharat 8.60.49: हे भरतश्रेष्ठ! आपको और कर्ण को अत्यन्त क्रोध में भरा हुआ देखकर वह कुपित दुर्योधन कोई उत्तर न सोच सकेगा।   |   mahabharat अध्याय 8.60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  8.60.49 
त्वां च दृष्ट्वातिसंरब्धं कर्णं च भरतर्षभ।
असौ दुर्योधन: क्रुद्धो नोत्तरं प्रतिपद्यते॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
हे भरतश्रेष्ठ! आपको और कर्ण को अत्यन्त क्रोध में भरा हुआ देखकर वह कुपित दुर्योधन कोई उत्तर न सोच सकेगा।
 
Bhaarat's best! Seeing you and Karna filled with extreme anger, that enraged Duryodhana will not be able to think of any answer. 49.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)