Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.60.45-46h: जैसे पतंगा प्रज्वलित अग्नि के मुख में गिर जाता है, उसी प्रकार यह कर्ण भी मारे जाने के लिए ही आपके पास आ रहा है। हे भारत! कर्ण को अकेला देखकर धृतराष्ट्रपुत्र दुर्योधन भी उसकी रक्षा के लिए रथसेना से घिरा हुआ यहाँ लौट रहा है। | mahabharat अध्याय 8.60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे पतंगा प्रज्वलित अग्नि के मुख में गिर जाता है, उसी प्रकार यह कर्ण भी मारे जाने के लिए ही आपके पास आ रहा है। हे भारत! कर्ण को अकेला देखकर धृतराष्ट्रपुत्र दुर्योधन भी उसकी रक्षा के लिए रथसेना से घिरा हुआ यहाँ लौट रहा है।
‘Just like a kite falls into the mouth of a blazing fire, similarly this Karna is coming to you only to be killed. O Bharata! Seeing Karna alone, Dhritarashtra's son Duryodhana is also returning here surrounded by a chariot army to protect him. 45 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥