vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 8: कर्ण पर्व
»
अध्याय 60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना
»
श्लोक 43
श्लोक
8.60.43
पश्य ह्येनं महाबाहो विधुन्वानं महद् धनु:।
शरांश्चाशीविषाकारान् विसृजन्तं महारणे॥ ४३॥
अनुवाद
महाबाहो! उसे देखो, वह अपना विशाल धनुष उठाकर इस महायुद्ध में विषैले सर्पों के समान विषैले बाणों की वर्षा कर रहा है।
Mahabaho! Look at him, swinging his huge bow he is showering venomous arrows like poisonous serpents in this great war.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×