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mahabharat 8.60.4: पार्थ! यह सम्पूर्ण जगत का राजा दुर्योधन कवच धारण करके अपनी रथ सेना के साथ राजा युधिष्ठिर का पीछा कर रहा है।   |   mahabharat अध्याय 8.60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  8.60.4 
एष दुर्योधन: पार्थ रथानीकेन दंशित:।
राजा सर्वस्य लोकस्य राजानमनुधावति॥ ४॥
 
 
अनुवाद
पार्थ! यह सम्पूर्ण जगत का राजा दुर्योधन कवच धारण करके अपनी रथ सेना के साथ राजा युधिष्ठिर का पीछा कर रहा है।
 
Partha! This king of the whole world, Duryodhana, wearing armour, is pursuing King Yudhishthira with his chariot army.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)