श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  8.60.37 
एष सर्वात्मना पाण्डूंस्त्रासयित्वा महारणे।
अभिभाषति राधेय: सर्वसैन्यानि मानद॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
हे पूज्यवर! यह राधापुत्र कर्ण महायुद्ध में पाण्डव सैनिकों को पूर्णतः भयभीत करके अपनी सम्पूर्ण सेना से ऐसा कह रहा है॥37॥
 
Respected! This Radha's son Karna is saying this to his entire army, having completely frightened the Pandava soldiers in the great war. ॥ 37॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)