श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  8.60.30 
रथानां द्रवते वृन्दमेतच्चैव समन्तत:।
द्राव्यमाणं रणे पार्थ कर्णेनामित्रकर्षिणा॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
कुन्तीपुत्र! युद्धस्थल में शत्रुघ्न कर्ण द्वारा भगाये गये यह रथी दल सब दिशाओं में भाग रहा है।
 
Kunti's son! This group of charioteers, chased away by Shatrughan Karna on the battlefield, is fleeing in all directions.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)