श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  8.60.22 
स्थूणाकर्णेन्द्रजालेन पार्थ पाशुपतेन च।
प्रच्छादयन्ति राजानं शस्त्रजालैर्महारथा:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
पार्थ! कौरव स्थूणाकर्ण, इन्द्रजाल, पाशुपत आदि महारथियों से राजा युधिष्ठिर को आच्छादित कर रहे हैं॥22॥
 
Parth! Kauravas are covering King Yudhishthira with the great warriors Sthunakaran, Indrajal, Pashupat and other types of weapons. 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)