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श्री महाभारत
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पर्व 8: कर्ण पर्व
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अध्याय 60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना
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श्लोक 18
श्लोक
8.60.18
कर्णेन चाभियुक्तोऽयं भूपति: शत्रुतापन:।
संशयं समनुप्राप्त: पाण्डवो वै युधिष्ठिर:॥ १८॥
अनुवाद
शत्रुओं को परास्त करने वाला यह पाण्डुपुत्र राजा युधिष्ठिर कर्ण के साथ युद्ध करके अपने प्राणों के संकट की स्थिति में पहुँच गया है ॥18॥
This son of Pandu, who defeated the enemies, has reached a state of danger to his life after fighting with King Yudhishthir Karna. 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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