श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 60: श्रीकृष्णका अर्जुनसे दुर्योधन और कर्णके पराक्रमका वर्णन करके कर्णको मारनेके लिये अर्जुनको उत्साहित करना तथा भीमसेनके दुष्कर पराक्रमका वर्णन करना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  8.60.15 
राधेय: पाण्डवश्रेष्ठं शक्त: पीडयितुं रणे।
सहितो धृतराष्ट्रस्य पुत्रै: शूरैर्महाबलै:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
राधापुत्र कर्ण धृतराष्ट्र के महापराक्रमी पुत्रों के साथ रहकर युद्धभूमि में पाण्डवों में श्रेष्ठ युधिष्ठिर को अवश्य ही कष्ट दे सकता है॥ 15॥
 
Karna, son of Radha, staying with the mighty valiant sons of Dhritarashtra can certainly trouble the greatest of the Pandavas, Yudhishthira, on the battlefield.॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)