Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.6.7-9h: अभिमन्यु, जो बचपन में ही भयंकर योद्धा था और भगवान श्रीकृष्ण या भगवान बलदेव, बुद्धिमान अर्जुन के समान माना जाता था, तथा जो रथयुद्ध में विशेष रूप से कुशल था, अपने शत्रुओं का संहार करने के पश्चात् अर्जुन पर किसी का नियंत्रण न रहने वाले छः महारथियों ने चारों ओर से घेरकर उसे मार डाला। 7-8 1/2 | mahabharat अध्याय 8.6: कौरवोंद्वारा मारे गये प्रधान-प्रधान पाण्डव-पक्षके वीरोंका परिचय । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यो बाल एव समरे सम्मित: सव्यसाचिना।
केशवेन च दुर्धर्षो बलदेवेन वा विभो॥ ७॥
परेषां कदनं कृत्वा महारथविशारद:।
परिवार्य महामात्रै: षड्भि: परमकै रथै:॥ ८॥
अशक्नुवद्भिर्बीभत्सुमभिमन्युर्निपातित:।
अनुवाद
अभिमन्यु, जो बचपन में ही भयंकर योद्धा था और भगवान श्रीकृष्ण या भगवान बलदेव, बुद्धिमान अर्जुन के समान माना जाता था, तथा जो रथयुद्ध में विशेष रूप से कुशल था, अपने शत्रुओं का संहार करने के पश्चात् अर्जुन पर किसी का नियंत्रण न रहने वाले छः महारथियों ने चारों ओर से घेरकर उसे मार डाला। 7-8 1/2
Abhimanyu, who was a fierce warrior even in his childhood and was considered equal to Lord Krishna or Lord Baldev, the wise Arjun, and who was specially skilled in chariot fighting, after killing his enemies, was surrounded from all sides by six great warriors, who had no control over Arjun, and killed him. 7-8 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥