श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 58: अर्जुनका श्रीकृष्णसे युधिष्ठिरके पास चलनेका आग्रह तथा श्रीकृष्णका उन्हें युद्धभूमि दिखाते और वहाँका समाचार बताते हुए रथको आगे बढ़ाना  »  श्लोक 43-44
 
 
श्लोक  8.58.43-44 
याहि याहीति गोविन्दं मुहुर्मुहुरचोदयत्।
तां युद्धभूमिं पार्थस्य दर्शयित्वा च माधव:॥ ४३॥
त्वरमाणस्तत: कृष्ण: पार्थमाह शनैरिदम्।
पश्य पाण्डव राजानमुपयातांश्च पार्थिवान्॥ ४४॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन बार-बार भगवान श्रीकृष्ण से कहते रहे, 'चलो, चलो।' भगवान श्रीकृष्ण बड़ी शीघ्रता से आगे बढ़कर अर्जुन को युद्धभूमि दिखाते हुए धीरे-धीरे उससे इस प्रकार बोले - 'पाण्डुपुत्र! देखो, बहुत से राजा राजा के पास पहुँच गए हैं।' 43-44.
 
Arjuna repeatedly said to Lord Krishna, 'Let's go, let's go'. Lord Krishna moved forward in great haste, showing Arjuna the battlefield and slowly spoke to him in this manner - 'Son of Pandu! Look, many kings have reached the king. 43-44.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)