जिष्णुं च जिष्णुकर्माणं देवापिं भद्रमेव च॥ ४८॥
दण्डं च राजन् समरे चित्रं चित्रायुधं हरिम्।
सिंहकेतुं रोचमानं शलभं च महारथम्॥ ४९॥
निजघान सुसंक्रुद्धश्चेदीनां च महारथान्।
अनुवाद
राजन! उसके बाद कर्ण ने क्रोध में भरकर चेदि के इन महारथियों जिष्णु, जिष्णुकर्मा, देवापि, भद्र, दण्ड, चित्र, चित्रायुध, हरि, सिंहकेतु, रोचमान तथा महारथी शलभ को युद्धभूमि में मार डाला। 48-49 1/2॥
Rajan! After that, Karna, filled with anger, killed Jishnu, Jishnukarma, Devapi, Bhadra, Danda, Chitra, Chitrayudh, Hari, Singhketu, Rochman and the great charioteer Shalabh - these great charioteers of Chedi in the battlefield. 48-49 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥