श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 56: नकुल-सहदेवके साथ दुर्योधनका युद्ध, धृष्टद्युम्नसे दुर्योधनकी पराजय, कर्णद्वारा पांचाल-सेनासहित योद्धाओंका संहार, भीमसेनद्वारा कौरव योद्धाओंका सेनासहित विनाश, अर्जुनद्वारा संशप्तकोंका वध तथा अश्वत्थामाका अर्जुनके साथ घोर युद्ध करके पराजित होना  »  श्लोक 22-23h
 
 
श्लोक  8.56.22-23h 
तथास्य सशरं चापं हस्तावापं च मारिष॥ २२॥
क्षुरप्रेण सुतीक्ष्णेन राजा चिच्छेद संयुगे।
 
 
अनुवाद
आर्य! तत्पश्चात् युद्धभूमि में राजा दुर्योधन ने तीक्ष्ण छुरे से धृष्टद्युम्न के बाण, धनुष और दस्तानों को काट डाला।
 
Arya! Then on the battlefield, King Duryodhana cut off Dhrishtadyumna's arrows, bow and glove with a sharp razor. 22 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)