श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 56: नकुल-सहदेवके साथ दुर्योधनका युद्ध, धृष्टद्युम्नसे दुर्योधनकी पराजय, कर्णद्वारा पांचाल-सेनासहित योद्धाओंका संहार, भीमसेनद्वारा कौरव योद्धाओंका सेनासहित विनाश, अर्जुनद्वारा संशप्तकोंका वध तथा अश्वत्थामाका अर्जुनके साथ घोर युद्ध करके पराजित होना  »  श्लोक 136
 
 
श्लोक  8.56.136 
कच्चिद् वीर्यं यथापूर्वं भुजयोर्वा बलं तव।
कच्चित् ते गाण्डिवं हस्ते रथे तिष्ठसि चार्जुन॥ १३६॥
 
 
अनुवाद
हे अर्जुन! क्या तुम्हारा शारीरिक बल पहले जैसा है? अथवा तुम्हारी भुजाएँ पहले जैसी दृढ़ हैं? क्या तुम्हारे हाथ में गाण्डीव धनुष है? और क्या तुम रथ पर खड़े हो?॥136॥
 
‘Arjuna! Is your physical strength as good as before? Or is your arms as strong as before? Do you have the Gandiva bow in your hand? And are you standing on the chariot?॥ 136॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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