श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 56: नकुल-सहदेवके साथ दुर्योधनका युद्ध, धृष्टद्युम्नसे दुर्योधनकी पराजय, कर्णद्वारा पांचाल-सेनासहित योद्धाओंका संहार, भीमसेनद्वारा कौरव योद्धाओंका सेनासहित विनाश, अर्जुनद्वारा संशप्तकोंका वध तथा अश्वत्थामाका अर्जुनके साथ घोर युद्ध करके पराजित होना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  8.56.1 
संजय उवाच
भीमसेनं सपाञ्चाल्यं चेदिकेकयसंवृतम्।
वैकर्तन: स्वयं रुद्‍ध्वा वारयामास सायकै:॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - हे राजन! पांचाल, चेदि और केकय वंश से घिरे हुए भीमसेन को स्वयं वैकर्तन कर्ण ने बाणों को रोककर आगे बढ़ने से रोक दिया।
 
Sanjaya says - O King! Bhimasena, who was surrounded by Panchalas, Chedis and Kekayas, was stopped from proceeding further by Vaikartana Karna himself by blocking his arrows.
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas