vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 8: कर्ण पर्व
»
अध्याय 51: भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके छ: पुत्रोंका वध, भीम और कर्णका युद्ध, भीमके द्वारा गजसेना, रथसेना और घुड़सवारोंका संहार तथा उभयपक्षकी सेनाओंका घोर युद्ध
»
श्लोक 75-76h
श्लोक
8.51.75-76h
तत: प्रववृते युद्धं घोररूपं विशाम्पते॥ ७५॥
कुरूणां पाण्डवानां च लिप्सतां सुमहद् यश:।
अनुवाद
प्रजानाथ! तत्पश्चात् महान यश प्राप्त करने की इच्छा रखने वाले कौरवों और पाण्डवों में घोर युद्ध होने लगा। 75 1/2॥
Prajanath! Then a fierce war began between the Kauravas and the Pandavas, who wanted to achieve great fame. 75 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×