श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 51: भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके छ: पुत्रोंका वध, भीम और कर्णका युद्ध, भीमके द्वारा गजसेना, रथसेना और घुड़सवारोंका संहार तथा उभयपक्षकी सेनाओंका घोर युद्ध  »  श्लोक 23-24h
 
 
श्लोक  8.51.23-24h 
दृष्ट्वा मम महाराज तौ समेतौ महारथौ॥ २३॥
आसीद् बुद्धि: कथं युद्धमेतदद्य भविष्यति।
 
 
अनुवाद
राजेन्द्र! जब वे दोनों महारथी आपस में भिड़ गए, तब मैं मन ही मन सोचने लगा कि इस युद्ध का परिणाम कैसा होगा ॥23 1/2॥
 
Rajendra! When those two great warriors clashed with each other, I started wondering in my mind how this battle would turn out. ॥23 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)