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श्लोक 8.50.d2  |
शल्य उवाच
भीमसेन महाबाहो यत् त्वां वक्ष्यामि तच्छृणु।
वचनं हेतुसम्पन्नं श्रुत्वा चैतत् तथा कुरु॥ |
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| अनुवाद |
| शल्य ने कहा- महाबाहु भीमसेन! मैं तुम्हें जो युक्तिसंगत सलाह दे रहा हूँ, उसे सुनो और उसका पालन करो। |
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| Shalya said- Mighty-armed Bhimasena! Listen to the logical advice I am giving you and follow it. |
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