श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 50: कर्ण और भीमसेनका युद्ध तथा कर्णका पलायन  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  8.50.21 
एष शूरश्च वीरश्च क्रोधनश्च वृकोदर:।
निरपेक्ष: शरीरे च प्राणतश्च बलाधिक:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
यह भीमसेन बड़ा वीर, क्रोधी, शरीर और प्राणों का मोह न रखने वाला और बड़ा बलवान है ॥ 21॥
 
This Bhimasena is a valiant warrior, is short-tempered, has no attachment to his body and life and is very powerful. ॥ 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)