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mahabharat 8.5.18: यहाँ तक कि समरांगण में निर्भय होकर विचरण करने वाला अम्बष्टदेश का राजा क्षत्रिय-धुरंधर श्रुतायु भी सव्यसाची अर्जुन के हाथ से मारा गया ॥18॥   |   mahabharat अध्याय 8.5: संजयका धृतराष्ट्रको कौरवपक्षके मारे गये प्रमुख वीरोंका परिचय देना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 5: संजयका धृतराष्ट्रको कौरवपक्षके मारे गये प्रमुख वीरोंका परिचय देना  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  8.5.18 
श्रुतायुरपि चाम्बष्ठ: क्षत्रियाणां धुरंधर:।
चरन्नभीतवत् संख्ये निहत: सव्यसाचिना॥ १८॥
 
 
अनुवाद
यहाँ तक कि समरांगण में निर्भय होकर विचरण करने वाला अम्बष्टदेश का राजा क्षत्रिय-धुरंधर श्रुतायु भी सव्यसाची अर्जुन के हाथ से मारा गया ॥18॥
 
Even the Kshatriya-dhurandhar Shrutayu, the king of Ambashtadesh, who used to roam fearlessly in Samarangana, was killed by the hand of Savyasachi Arjun. 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)