श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा  »  श्लोक d6
 
 
श्लोक  8.46.d6 
अर्जुनं किल राधेयो वधिष्यति महारणे॥
अथवा कं नरं लोके न स्पृशन्ति मनोरथा:।
 
 
अनुवाद
निश्चय ही राधा पुत्र कर्ण इस महायुद्ध में अर्जुन का वध करेगा, अन्यथा संसार में ऐसा कौन मनुष्य है जिसकी महान् महत्वाकांक्षाएं न हों?
 
Surely Radha's son Karna will kill Arjun in this great war or which man in this world does not have great ambitions?
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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